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Thursday, December 20, 2007

भारत का विकास प्रदूषण रहित

प्रदूषण रहित विकास तंत्र सीडीएम लागू करने के मामले में भारत विश्व में सबसे प्रमुख देश बनकर उभरा है. इस तंत्र का पर्यावरण प्रदूषण को कम करना है. राष्ट्रीय विकास परिषद (एनडीसी) द्वारा बुधवार को पारित 11वीं पंचवर्षीय योजना के दस्तावेज में कहा गया है कि इस साल अक्तूबर तक प्रदूषण रहित विकास तंत्र (सीडीएम) कार्यकारी बोर्ड में दर्ज 852 परियोजनाओं में से 294 परियोजनाएं अकेले भारत की हैं'.

तो क्‍या है सीडीएम: सीडीएम क्योटो प्रोटोकाल के तहत एक लचीली व्यवस्था है, जिससे औद्योगिक देश विकासशील देशों में सतत और पर्यावरण अनुकूल प्रौद्योगिकी को बढ़ावा देकर उत्सर्जन में कमी के प्रति अपनी बाध्यता पूरी कर सकें. हालांकि जहां तक कार्बन उत्सर्जन में कमी [सीईआर] का सवाल है भारत का स्थान चीन के बाद दूसरा है.


अमेरिका भी ऊर्जा बचाने की राह पर

ग्लोबल वार्मिग के खतरे के मद्देनजर अमेरिका ने भी ऊर्जा बचाने की राह पकड़ ली है. वहां की प्रतिनिधि सभा में जीवाश्म ईधन की खपत कम करने वाला विधेयक पारित हो गया है. इस विधेयक के प्रमुख प्रावधानों में कारों में ईधन की खपत कम करने के उपाय बढ़ाने को अनिवार्य किया जाना शामिल है. इसे लागू किए जाने पर दो करोड़ अस्सी लाख कारों को अमेरिकी सड़कों से हटाने के बराबर फायदा होगा.

यह विधेयक राष्ट्रपति जार्ज बुश के हस्ताक्षर के बाद कानून की शक्ल ले लेगा. प्रतिनिधि सभा में विधेयक के पक्ष में 314 और विरोध में 100 मत पड़े. पर्यावरणविदों ने विधेयक का स्वागत किया है. विधेयक के अन्य प्रावधानों में ज्यादा बिजली खपत वाले बल्बों का इस्तेमाल 2012 तक बंद करने और कार इंजनों के लिए अक्षत ईधन खास कर मक्के और लकड़ी के टुकड़ों से बनने वाले एथनाल का उत्पादन छह गुना तक बढ़ाना शामिल है.

3 comments :

शास्त्री जे सी फिलिप् said...

चुन चुन कर संक्षिप्त में आप जो जानकारी दे रहे है वह उपयोगी है, एवं व्यस्त व्यक्तियों के लिये एक वरदान है

अजित वडनेरकर said...

बहुत बढ़िया। ज्ञानवर्धक... काश प्रेरक भी बन पाए मूढ़मतियों और स्वार्थियों के लिए ....
जुटे रहें , क्योंकि हमको-आपको तो प्राणवायु चाहिये

बाल किशन said...

प्रेरक तो है ही. पर लाभ लेना हम पर निर्भर करता है.
पर इसमे भी एक चिंता छिपी है जो दो करोड़ अस्सी लाख कारों को अमेरिकी सड़कों से हटाया जायेगा वो तो शायद अन्तोत्गात्वा भारत, नेपाल, बंगलादेश या फ़िर पाकिस्तान को ही प्रदूषित करने के काम आयगी.इसका क्या?

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