यह सच्ची घटना कल शुक्रवार 30 नवंबर की शाम को हुई. मैं और मेरा एक मित्र अपने अपने दोपहिया वाहनों पर सवार होकर कहीं जा रहे थे. शहर के बीचों-बीच एक बेहद व्यस्त मार्ग पर हमेशा की तरह भयंकर ट्रैफिक जाम लगा देख कर मूड ऑफ हो गया. वाहनों का जमावड़ा बढ़ता जा रहा था और उस नीम अंधेरे में अंडर ब्रिज के ठीक पहले सारा ट्रैफिक थम सा गया था. धीरे-धीरे अपने छोटे से दो पहिये को लुढ़काते हुए जब मैं ट्रैफिक जाम के बीच पहुंचा तो माजरा देख कर दिल को बड़ी चोट पहुंची.
वह सड़क के बीचों-बीच अधमरी सी हालत में पड़ा था. वाहन चालक बड़बड़ा रहे थे लेकिन कोई उसकी सहायता के बारे में कुछ नहीं सोच रहा था. सब एक दूसरे को कोसते हुए किसी भी तरह उसके अगल-बगल से आगे निकलने की कोशिश में लगे थे. मै किसी तरह अपना वाहन लेकर उसके पास पहंचा और सबसे पहला काम मैने अपने दोपहिए को उसके सामने आड़ा खड़ा कर एक तरफ का ट्रैफिक रोकने का किया. इस बीच मेरा दोस्त अपने वाहन पर आगे निकल गया.
हालत बड़ी विकट थी. मैं उसके पास पहंचा और झुक कर देखने का प्रयास किया कि वह जीवित था या नहीं .... धीरे से हाथ लगा कर उसे छुआ तो उसके शरीर में हल्की सी जुंबिश हुई. अचानक लोगों का जमावड़ा इकट्ठा होने लगा. एक सज्जन बोले, मर गया है.... दूसरे बोले कमर टूट गई है... मैं सोच रहा था कि क्या करूं ? जहां जाने के लिए निकला था, वहां पहुंचना भी जरूरी था. लेकिन में उसे सड़क पर इस तरह छोड़ कर भी नहीं जा सकता था.
ट्रैफिक बुरी तरह जाम हो चुका था और पब्लिक मुझसे कुछ करने की उम्मीद कर रही थी. यह सब कुछ केवल दो या तीन मिनट के अंदर हो गया... मैंने सोचा कि अब उसे उठाना ही होगा. पिछले हिस्से को धीरे से पकड़ा, उठाया ... सड़क पार की बगल में गहरे नाले के किनारे बने बगीचे की बाड़ के अंदर हाथ डाल कर उसे धीरे से छोड़ दिया. ट्रैफिक चल पड़ा किसी को कोई फर्क नहीं पड़ा और मैं भी अपना वाहन उठा कर आगे बढ़ गया.
लेकिन मेरा मन अब भी मुझे कचोट रहा है. मुझे नहीं मालुम कि वह जीवित बचा या नहीं, मुझे उस समय जो सही लगा मैने कर दिया. लेकिन मन बार-बार कह रहा है कि मुझे उसकी सुरक्षा के लिए कुछ और भी करना चाहिए था जो कि मैने नहीं किया. यह आत्मग्लानि का बोध मुझ पर हावी होता जा रहा है और नहीं जानता कि मैं इससे कैसे उबरूंगा.
मैं आपसे जानना चाहता हूं कि ऐसे हालात में यदि आप होते तो क्या करते ? जो मैने किया क्या वह सही था ? या मुझे कुछ और भी करना चाहिए था ? अवश्य बताएं कि मैने जो किया वह सही था या गलत ? यदि उसकी मौत हो गई तो क्या मैं भी उसके लिए जिम्मेदार माना जाउंगा ?
शायद आप जानना चाहते हैं कि वह कौन था ? वह करीब पांच फीट लंबा एक सर्प था.