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Friday, February 12, 2010

बाघों को असली खतरा अमीरजादों से

एक ओर जहाँ विश्व के सभी देश लुप्तप्राय जीवों के संरक्षण के लिए अपनी तत्परता दिखा रहे हैं वहीं एशिया में नवधनाढ्यों के बीच बाघ की हड्डियों से बनने वाली शराब तथा उसके खाल, मांस और दाँतों से बनने वाले उत्पादों की बढ़ती माँग से पूरे विश्व में बाघों के संरक्षण पर खतरा मंडरा रहा है।

प्रतिबंधित प्राणी उत्पादों के व्यवसाय पर नजर रखने वाले ट्रैफिक उत्तर अमेरिका के निदेशक क्रॉफोर्ड एलेन ने बताया है कि एशिया में बाघ से बनने वाले उत्पादों की बढ़ती माँग के कारण वहाँ के बाघ उद्यान (टाइगर फार्म) बाघों के अंगों के लिए उनका प्रजनन करा रहे हैं। यद्यपि एशिया में इस प्रकार के व्यापार पर प्रतिबंध है।

एलेन ने एक ऑनलाइन ब्रीफिंग में कहा है कि एशिया के नवधनाढ्यों द्वारा धन खर्च करना एक स्टेटस सिम्बल है और परंपरागत उत्पाद पहले से ही पहुँच के बाहर हैं। उनमें से लुप्तप्राय जीव जैसे बाघ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि विशेषकर चीन जैसे देशों में बाघ की हड्डियों से बनने वाली शराब को नवधनाढ्यों के बीच परोसने का चलन बन गया है।

2 comments :

Krishna Kumar Mishra said...

बहुत ही सुन्दर विचार है आप के प्रोफ़ाइल पर।

संगीता पुरी said...

किसी को भी अधिक खतरा अमीरजादों से ही होता है !!

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