
क्या यह चित्र कुछ कहता है? यह कैनेडा के सेंट लारेंस की खाड़ी में शुक्रवार 28 मार्च को एक हार्प सील को मारता एक शिकारी है। जीवों के खिलाफ हिंसा के चलते ऐसे अनेक निरीह प्राणी असमय काल के गाल में समा रहे हैं. कैनेडा और जापान जैसे कुछ देशों में यह क्रूर धंधा धड़ल्ले से जारी है. इन देशों की सरकारें अपने काम को जायज ठहराती हैं.
दरअसल, कनाडा में हर साल व्यवसायिक उपयोग के लिए काफी बड़े स्तर पर सीलों का शिकार किया जाता है। तमाम विरोधों के बावजूद कनाडा सरकार इस पर प्रतिबंध लगाने को तैयार नहीं है। हालांकि उसने घोषणा की है कि इस साल सिर्फ दो लाख 75 हजार सीलों को मारा जाएगा, लेकिन मानवीय तरीके से?
अब यह तो कनाडा सरकार ही जाने कि किसी जीव की हत्या मानवीय ढंग से कैसे की जा सकती है, वह भी व्यवसाय के लिए. जीवों की इस क्रूरतापूर्ण तरीके से हत्या के खिलाफ विश्व समुदाय को आवाज उठाना होगी अन्यथा वह दिन दूर नहीं जब अंतिम जीव की हत्या होगी और तब हम उस विनाश को नहीं पाएंगे जो प्रकृति हमें दंडित करने के लिए करेगी.
शनिवार, २९ मार्च २००८
निरीह प्राणियों की हत्या का विरोध क्यों नहीं?
Posted by
पर्यानाद
at
4:35 PM
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