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Thursday, December 6, 2007

तुम्‍हारी दास्‍तां तक ना होगी दास्‍तानों में

बाली में संयुक्त राष्ट्र के एक सम्मेलन में युवा कार्यकर्ताओं ने वहां आए प्रतिनिधियों को चेताया कि अगर जल्द ही जलवायु परिवर्तन को रोकने के लिए ठोस कदम नहीं उठाए गए तो उन्हे अपना अस्तित्व बचाने के लिए एक आपातकालीन किट की आवश्यकता पड़ सकती है.

'बाली इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर' में जब 187 देशों के 10 हजार प्रतिनिधि जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए चर्चा कर रहे थे तो अचानक स्वंयसेवी संगठनों के सदस्य यहां आ पहुंचे. उन्होंने प्रतिनिधियों को आपातकालीन किट के बारे में जानकारी दी और कहा कि लोगों को क्यों इसकी जरूरत पड़ सकती है.

उन्होंने बताया कि इस किट में मलेरिया से बचाव के लिए दवाईयां है क्योंकि जलवायु परिवर्तन से सहसा कई तरह की बीमारियों का खतरा उत्पन्न हो सकता है. स्वयंसेवकों के अनुसार समुद्र का पानी लगातार बढ़ता जा रहा है और तटीय इलाकों में खतरा पैदा हो रहा है. इस वजह से लाईफ बेल्ट की आवश्यकता हो सकती है.

मूल समस्‍याओं की उपेक्षा से क्षुब्‍ध स्‍वयंसेवकों ने कहा कि पूरी दुनिया का तापमान इतना अधिक हो जाएगा कि इसके लिए हाथ से चलने वाला एक पंखा होना जरूरी होगा. उन्‍होंने बताया पिघलते हिमनदों की वजह से जलापूर्ति प्रभावित होगी और पानी को साफ करने के लिए जल शोधक दावइयों की आवश्यकता हो सकती है.

स्‍वयंसेवकों का कहना है कि कृषि भूमि के बंजर होने से खाद्य समस्या हो सकती है. इससे निपटने के लिए लोगों के पास पर्याप्त राशन होना चाहिए. बदलती जलवायु का प्रभाव शरीर के प्रतिरक्षा तंत्र पर भी पड़ता है. इससे मुकाबले के लिए विटामिन की गोलियां भी होनी चाहिएं. जलवायु परिवर्तन की वजह से लोगों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता है इसलिए उनके पास हर समय एक बस का टिकट होना चाहिए.

इसे भी देखें : ग्‍लोबल वार्मिंग से चिंतित लोगों का प्रदर्शन

6 comments :

बाल किशन said...

बहुत चिंता का विषय है. आपकी बहुत सी पोस्ट मैंने पढी है. आप अगर हम सब को हर पोस्ट के माध्यम से पर्यावरण रक्षा के कुछ छोटे-छोटे उपाय भी बताते रहे तो ये और भी अच्छा होगा.

Mrs. Asha Joglekar said...

मैं भी बाल किशन जी से सहमत हूँ । पर जानकारी बढिया थी ।

Mired Mirage said...

पर्यावरण मेरे भी हृदय के करीब का विषय है, शायद इसलिये क्योंकि मैंने अपना लगभग सारा जीवन शहरों से दूर प्रकृति की गोद में बिताया है । पर्यावरण के लिए लाभदायक जानकारी आप दें । अन्य लोग भी अपने विचार रख सकते हैं । यदि उचित लगे तो उन सबको लेकर महीने में आप अपनी व अपने पाठकों की मिली जुली पोस्ट लिख सकते हैं ।
हो सके तो Word Verification हटा दीजिये ।

घुघूती बासूती

पर्यानाद said...

>> mired mirage
आपका आदेश शिरोधार्य. Word Verification हटा दिया है. पर्यानाद् पर सभी के विचारों का स्‍वागत है. मिली जुली पोस्‍ट का विचार अच्‍छा है. शीघ्र ही इसके बारे में कुछ करता हूं. फिलहाल एक नया विचार मन में है जिसे बहुत जल्‍द आप सब के समक्ष रखने वाला हूं. उसमें भी सबकी भागीदारी हो सकेगी.
>> बालकिशन जी व Mrs Joglekar,
में कोई विशेषज्ञ या पर्यावरण विज्ञानी नहीं बल्कि एक प्रकृति प्रेमी मात्र हूं लेकिन कोशिश करूंगा कि आपकी अपेक्षा के अनुरूप कुछ ना कुछ जानकारी दे सकूं. जैसा मैने ऊपर बताया शीघ्र ही कुछ रोचक सिलसिला शुरू करने का विचार है, थोड़ा प्रतीक्षा करें आपको पसंद आएगा.

Pratyaksha said...

उस रोचक सिलसिले के इंतज़ार में ....और अगर हम पर्यावरण का इसी प्रकार नाश करते रहे तो बस का टिकट नहीं रॉकेट टिकट की ज़रूरत पड़ेगी दूसरे ग्रह जाने के लिये ।

मीनाक्षी said...

एक अनूठा अनुभव का नाम देकर आपने प्रकृति प्रेम से भरी वीडियो पसन्द की ,, बहुत बहुत शुक्रिया..
रोचक सिलसिले का बेसब्री से इंतज़ार है...

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