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Monday, November 26, 2007

नहीं रोकेगा जापान व्हेल का शिकार

हिरोशिमा और नागासाकी पर परमाणु बम गिराए जाने के बाद से जापान स्‍वयं को शांति का पक्षधर बताता रहा है लेकिन जीवों के प्रति उनके क्रूरता भरे इस रवैये को क्‍या कहा जाएगा ? जापान हर साल हजारों व्‍हेल मछलियों का शिकार कर लेता है. वन्‍य जीवों की रक्षा के लिए काम करने वाले संगठन इसका विरोध करते हैं लेकिन जापान पर इसका कोई असर नहीं होता. तमाम विरोध के बावजूद वे इसे बदस्‍तूर जारी रखे हैं.

एक बार फिर भारी विरोध के बावजूद जापान ने व्हेल के शिकार अभियान को जारी रखने की मंशा जताते हुए कहा है कि सुरक्षा कारणों से इसकी तिथि बाद में बताई जाएगी, जबकि व्हेल बचाने के हिमायती कार्यकर्ताओं के मुताबिक सरकार अंतरराष्ट्रीय टकराव से बचने के लिए अभियान में विलंब कर रही है, ना कि इसलिए कि व्‍हेलों की हत्‍या को लेकर उसके रवैये में कोई बदलाव आ गया है.

जापान ने अपने इस सालाना अभियान के तहत अंर्टाकटिक महासागर में एक हजार से ज्यादा व्हेल मारने की योजना बनाई है. इस योजना के चलते काफी समय से जापान के साथ आस्ट्रेलिया एवं न्यूजीलैंड का तनाव चल रहा है. जापान ने पहली बार हंपबैक व्हेलों को पकड़ने की योजना बनाई है, जिसको लेकर पर्यावरणविदों में गुस्सा है. इस प्रजाति की व्हेल अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लुप्तप्राय मानी जाती है और शिकारियों के बीच काफी लोकप्रिय है.

जापान के मत्स्य विभाग ने कहा है कि इसके पोत अभियान पर रवाना होंगे, लेकिन तारीख की घोषणा सुरक्षा कारणों से अभियान के केवल कुछ वक्त पहले की जाएगी. व्हेल शिकार विभाग के एक अधिकारी ने कहा कि हमने जो दिन तय किया है, उसी दिन रवाना होंगे.

जापानी पोत व्हेल के शिकार के लिए आमतौर पर नवंबर में रवाना होते हैं. उधर, ग्रीनपीस संगठन ने आरोप लगाया है कि राजनीतिक कारणों के चलते शिकार अभियान को टाला गया. ग्रीनपीस के एस्परान्या के नेता कार्ली थामस ने कहा कि व्हेल का शिकार जापान एवं अमेरिका जैसे व्हेल संरक्षण समर्थक देशों के बीच राजनयिक तनाव का कारण है. एस्परान्या व्हेल के शिकारियों पर नजर रखने की कोशिश करेगी.

2 comments :

arvind mishra said...

व्हेलें स्तन्पोशी भी हैं ,हमारी ही वर्ग की ,इन्हे बचाने की आवाज़ बुलंद करनी होगी .उनके अंतर्नाद को पर्यानाद के जरिये सामने लाने के साधुवाद

Sagar Chand Nahar said...

हम्पबेक यानि इतने सुरीले जीव की हत्या,,, कितने क्रूर हैं जापानी! वैसे जापानी लोगों का क्रूरता के मामले में शायद कोई सानी नहीं होगा। यह हम अंडमान में हुए क्रांतिकारियों के कत्ल ए आम से समझ सकते हैं।
व्हेल की तरह एक और दूसरे समुद्री जीव सील का भी बहुत बुरा हाल है। कनाडा सरकार इस के लिये लाईसेंस देती है।
सील को गोली नहीं मारी जाती क्यों कि इससे सील के कीमती फर में छेद हो जाता है. उसे बेसबॉल के बेट जैसे डंडों से सर में पीट पीट कर मारा जाता है ताकि उसका फर पूरा निकाला जा सके।
सील की हत्या कितने दुर्दांत तरीके से की जाती है आप इस वीडियो को देख कर अंदाजा लगा सकते हैं।

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